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मंगलवार, 2 मार्च 2021

टीजर आउट:हरभजन सिंह की 'फ्रेंडशिप' का टीजर रिलीज, अपनी डेब्यू तमिल फिल्म में पहली बार लीड रोल में नजर आएंगे भज्जी

टीजर आउट:हरभजन सिंह की 'फ्रेंडशिप' का टीजर रिलीज, अपनी डेब्यू तमिल फिल्म में पहली बार लीड रोल में नजर आएंगे भज्जी


 क्रिकेट के बाद हरभजन सिंह अब फिल्मी दुनिया में भी नजर आएंगे। सोमवार को हरभजन की पहली तमिल फिल्म 'फ्रेंडशिप' का टीजर रिलीज किया गया है। हरभजन ने खुद भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस फिल्म के टीजर को तीन भाषाओं तमिल, तेलगु और हिंदी में शेयर किया। रोमांटिक-स्पोर्ट्स फिल्म 'फ्रेंडशिप' से हरभजन तमिल फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू करने जा रहे हैं।

हरभजन ने फिल्म का टीजर शेयर कर लिखा, 'शार्प, क्रिस्प, इंटेंस ये रहा मेरी फिल्म 'फ्रेंडशिप' का टीजर, एंजॉय कीजिए।' भज्जी की यह फिल्म तीन भाषाओं तमिल, तेलुगू और हिंदी में ही रिलीज की जाएगी। फिल्म का टीजर रिलीज होने के बाद से ही हरभजन के फैंस, फैमिली, फ्रेंड्स, बॉलीवुड सेलेब्स और क्रिकेट जगत के कई खिलाड़ी भी उन्हें सोशल मीडिया पर बधाई दे रहे हैं। उनकी एक्टिंग की तारीफ भी हो रही है। सुरेश रैना और वीवीएस लक्ष्मण ने भी फिल्म का टीजर शेयर कर हरभजन को बधाई दी है।

'मुझसे शादी करोगी' में पहली बार किया था स्पेशल अपीरियंस
'फ्रेंडशिप' में हरभजन सिंह कॉलेज स्टूडेंट के किरदार में नजर आएंगे। उनकी इस फिल्म में एक्शन, रोमांस, डांस, कॉलेज लाइफ और क्रिकेट भी देखने को मिलेगा। हरभजन इससे पहले भी कुछ फिल्मों में नजर आ चुके हैं, मगर वो स्पेशल अपीरियंस थे। उन्होंने 2004 में रिलीज हुई अक्षय कुमार, सलमान खान और प्रियंका चोपड़ा की फिल्म 'मुझसे शादी करोगी' में पहली बार स्पेशल अपीरियंस किया था। इसके बाद वे 2013 में रिलीज हुई पंजाबी फिल्म 'भाजी इन प्रॉब्लम' में नजर आए थे। 2015 में हरभजन ने फिल्म 'सेकंड हैंड हस्बैंड' में भी स्पेशल अपीरियंस किया था।

फिल्म में अर्जुन, लोसलिया और सतीश भी आएंगे नजर
हरभजन की 'फ्रेंडशिप' का निर्देशन जॉन पॉल राज और शाम सूर्या ने किया है। फिल्म में हरभजन के अलावा जाने-मानने एक्टर अर्जुन, तमिल 'बिग बॉस-3' फेम लोसलिया मारियानेसन और सतीश भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म पिछले साल 7 अगस्त को रिलीज होने वाली थी, लेकिन कोरोना के चलते इसकी रिलीज टाल दी गई थी। 'फ्रेंडशिप' के अलावा हरभजन के पास कई प्रोजेक्ट लाइन-अप हैं। हरभजन से पहले कई क्रिकेटर्स भी फिल्मों में नजर आ चुके हैं।


खास बातचीत:'लव जिहाद' बेस्ड म्यूजिक एल्बम में नजर आईं पायल घोष ने दी सफाई, बोलीं-मैं मुस्लिम धर्म के खिलाफ नहीं

खास बातचीत:'लव जिहाद' बेस्ड म्यूजिक एल्बम में नजर आईं पायल घोष ने दी सफाई, बोलीं-मैं मुस्लिम धर्म के खिलाफ नहीं

 

एक्ट्रेस पायल घोष ने हाल ही में 'लव जिहाद' टाइटल पर बेस्ड अपना एक म्यूजिक एल्बम लॉन्च किया है। जिसके बाद से ही उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। पायल की माने तो इस गाने के माध्यम से वे लड़कियों को गलत रिश्ते में फंसने से आगाह कर रही हैं, ना की किसी धर्म पर टिप्पणी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान पायल ने अपने इस म्यूजिक एल्बम के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही फिल्ममेकर अनुराग कश्यप पर उनके लगाए यौन शोषण के आरोप का जिक्र भी किया।

एल्बम के जरिए लड़कियों को आगाह करना चाहती हूं
पायल घोष ने कहा, "मैंने ऐसे कई केस देखे हैं, जहां एक मुस्लिम लड़का हिंदू बनकर लड़की के साथ अफेयर करता है और पता चलने के बाद वे लड़की को टॉर्चर करता है। 'लव जिहाद' के बारे में मैंने काफी रिसर्च किया और तब मुझे एहसास हुआ कि ये इंटरकास्ट शादी या अफेयर के बारे में नहीं है। बल्कि जो फ्रॉड हो रहे हैं ये एक्ट उसके बारे में है। लड़कियों को फंसाकर जो शादी करते हैं और उन्हें टॉर्चर करते हैं। हम अपने एल्बम के जरिए लोगों को यही दिखाना चाहते हैं और उन्हें आगाह करना चाहते हैं।"

भविष्य में अनाथ आश्रम और गरीब बच्चों के लिए स्कूल खोलना चाहती हूं
पायल घोष ने आगे कहा, "आप जब सही कर रहे हो फिर भी लोग आपको गलत बोलेंगे, तो मैं क्या कर सकती हूं। मैं ये साफ कर देना चाहती हूं कि मैं मुस्लिम कम्युनिटी के खिलाफ नहीं हूं। मेरे कई दोस्त मुस्लिम हैं। यहां मैं किसी धर्म के बारे में बात नहीं कर रही हूं। लव जिहाद के केस बढ़ रहे हैं और मैं लड़कियों को बस आगाह करना चाहती हूं। मैंने हाल ही में पॉलिटिक्स चुना है, हालांकि मैं बचपन से ही सोशल सर्विस करना चाहती थी। मैं समाज में जागरूकता लाना चाहती हूं, फिर चाहे अपने प्रोफेशन के जरिए ही क्यों ना हो। भविष्य में एक अनाथ आश्रम और साथ ही गरीब बच्चों के लिए एक स्कूल खोलने का सपना है। यदि बच्चे पढ़ेंगे नहीं, आगे नहीं बढ़ेंगे तो हिन्दुस्तान कैसे बढ़ेगा?

चाहती हूं अनुराग कश्यप को सजा मिले
एक्ट्रेस ने कहा, "अनुराग कश्यप के मामले में अभी भी मुंबई पुलिस जांच-पड़ताल के लिए थोड़ा वक्त मांग रही है। मैं मुंबई पुलिस के खिलाफ नहीं जाना चाहती और इसलिए हम उन्हें वक्त दे रहे हैं। यदि आगे चलकर लगा कि मामला आगे नहीं बढ़ रहा है, तो कोर्ट का दरवाजा जरूर खटखटाएंगे। मैंने निडर होकर अपनी बात सबके सामने रखी थी, मैं चाहती हूं कि इससे दूसरी लड़कियों को भी हिम्मत मिले। यदि उनके साथ भी गलत हुआ है, तो उन्हें आवाज उठाना ही होगा। मैं चाहती हूं कि अनुराग को इसकी सजा मिले, ताकि इंडस्ट्री या कहीं भी लड़कियों के साथ गलत व्यवहार ना हो।"

अभी भी हमारी सोसाइटी 'मेल-डोमिनेटेड' है
पायल घोष ने आगे कहा, "कहते हैं कि कानून औरतों के साथ है, हालांकि मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ है। अभी भी हमारी सोसाइटी 'मेल-डोमिनेटेड' है। यदि लड़की सामने आकर सच्चाई बताती है, तो उसी पर डिफेमेशन केस लगा दिया जाता है। जरूरी नहीं कि हर सिचुएशन में लड़की कैमरा लेकर जाए, ताकि उसके पास घटना का सबूत हो। कोई स्टिंग ऑपरेशन करने नहीं जाता है। आपको लड़की पर भी भरोसा करना चाहिए।

किसान को आंदोलन करने की जरूरत नहीं
पायल घोष ने आगे कहा, "किसान आंदोलन में कई बुजुर्ग किसान को शामिल होता देख, अच्छा नहीं लग रहा है। मेरे हिसाब से इस आंदोलन की जरूरत भी नहीं है, क्योंकि ऐसा नहीं है कि सरकार उनकी बातें नहीं सुन रही है। इसका हल जरूर निकलेगा, लेकिन इस तरह का आंदोलन करना बिल्कुल गलत है।

महाकौशल-विंध्य को बजट से उम्मीदें:पिछले बजटों में सपने दिखाकर भूली सरकार, अब सौगात की दरकार, मेट्रो रेल और नर्मदा-एक्सप्रेस-वे को मिल सकता है बजट

महाकौशल-विंध्य को बजट से उम्मीदें:पिछले बजटों में सपने दिखाकर भूली सरकार, अब सौगात की दरकार, मेट्रो रेल और नर्मदा-एक्सप्रेस-वे को मिल सकता है बजट

महाकौशल-विंध्य को बजट से उम्मीदें:पिछले बजटों में सपने दिखाकर भूली सरकार, अब सौगात की दरकार, मेट्रो रेल और नर्मदा-एक्सप्रेस-वे को मिल सकता है बजट

  • सीएम के ड्रीम प्रोजक्ट में शामिल अमरकंटक, ग्वारीघाट और भेड़ाघाट जैसे धार्मिक व पर्यटन स्थलों को मिल सकती है संजीवनी,

  • 2018 विधानसभा चुनाव से पहले नर्मदा परिक्रमा के दौरान सीएम ने की थी ढेरों घोषणाएं

राज्य सरकार आज बजट पेश करेगी। इस बार बजट से हर वर्ग को कुछ न कुछ उम्मीद है। खासकर महाकौशल और विंध्य क्षेत्र को प्रदेश के मंत्रीमंडल में उपेक्षा को लेकर यहां के लोगों में टीस बनी हुई है। उम्मीद है कि प्रदेश सरकार के बजट में इस क्षेत्र में विकास की ढेरो घोषित योजनाओं को पैसे आवंटित कर उसे मूर्त रूप दिया जाएगा। सीएम के लिए कभी ड्रीम प्रोजेक्ट रहा नर्मदा-एक्सप्रेस-वे को इस बजट से नई संजीवनी मिल सकती है। वहीं पर्यटन और रोजगार की दिशा में महाकौशल और विंध्य को नई सौगात मिलने की दरकार है।

वर्ष 2018 विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा परिक्रमा की थी। तब उन्होंने अमरकंटक से लेकर नर्मदा किनारे के शहरों को जोड़ने के लिए नर्मदा-एक्सप्रेस-वे बनाने की घोषणा की थी। सीएम ने तब एक खाका पेश किया था कि कैसे इस एक्सप्रेस-वे के इर्द-गिर्द उद्योगों के साथ-साथ नए शहर बसेंगे।

एमपी व छग को जोड़ने वाले इस सड़क से नर्मदा पथिकों को भी सुविधा होगी। नर्मदा में मिलने वाले गंदे नालों को रोकेंगे। ट्रीटमेंट प्लांट बनाएंगे। घाटों पर बिजली से संचालित शवदाह गृह बनाएंगे। नर्मदा किनारे हरियाली बढ़ाने के साथ पाथवे बनाएंगे। जबलपुर में ग्वारीघाट से तिलवारा तक दोनों तटों पर पाथवें बनाने की घोषणा कई बार हुई, लेकिन कभी बजट आवंटित नहीं हुआ।
मेट्रो के लिए हो चुका है सर्वे, बजट की उम्मीद
कांग्रेस के 15 महीने के शासनकाल में वित्तमंत्री का दायित्व संभालने वाले पूर्व मंत्री तरुण भनोत के मुताबिक वर्तमान सरकार में महाकौशल-विंध्य को उपेक्षित किया गया है। अब बजट में सरकार इसकी भरपाई कर सकती है। पिछले बजट में जबलपुर के लिए लाइट मेट्रो रेल का सर्वे हुआ था। इसके लिए बजट आवंटित हो तो ये शहर के लिए बड़ी सौगात होगी।
इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए बजट की दरकार

  • हर तहसील क्षेत्र में एक नए महाविद्यालय की स्थापना।
  • धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नर्मदा रीव फ्रंट बनाना।
  • शास्त्रीब्रिज के जर्जर हो रहे पुल की जगह एक नया फ्लाईओवर बनाना।
  • शहर में डेयरी की संख्या को देखते हुए डेयरी टेक्नोलॉजी कॉलेज खोलना।
  • नया सरकारी डेंटल अस्पताल खोलना।
  • ग्वारीघाट के ऐतहासिक गुरुद्वारा के पास 20 करोड़ की लागत से ग्रंथालय व संग्रहालय बनाना।
  • पिछले बजटों में ये किया था प्रावधान
  • राज्य कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए मेडिकल परिसर में बिल्डिंग तैयार है, लेकिन अभी तक उपकरणों के लिए कोई बजट शासन से नहीं मिला। अभी इस बिल्डिंग का उपयोग कोरोना आइसोलेशन वार्ड के लिए किया जा रहा था।
  • भटौली से तिलवारा तक नर्मदा रिवर फ्रंट की घोषणा हुई थी। सरकार बदली तो योजना ठंडे बस्ते में डाल दी गई। नर्मदा के गंदे नालों को भी नहीं रोक पा रहे।
  • डुमना नेचर पार्क के समीप टाइगर सफारी का प्रावधान था। मौजूदा सांसद राकेश सिंह का भी ये ड्रीम प्रोजेक्ट है। एयरपोर्ट अथॉरिटी व वन विभाग में समन्वय की कमी के चलते अभी शुरूआत नहीं हो पाई।
  • ग्वारीघाट को तीर्थ स्थान और भेड़ाघाट को पयर्टन क्षेत्र घोषित किया गया था। अब तक राज्य सरकार की ओर से कोई फंड आवंटित नहीं हुआ।
  • गढ़ा, रामपुर व घमापुर से रद्दी चौकी तक यातायात को पटरी पर लाने के लिए छोटे-छोटे फ्लाइओवर का प्रावधान सरकार बदलते ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
  • विक्टोरिया जिला अस्पताल को 500 बिस्तर के रूप में उन्नयन की योजना थी। अभी 300 बिस्तर की सुविधा है। 200 बिस्तर के लिए नई बिल्डिंग का भूमिपूजन हो चुका है। बजट की दरकार है।
  • यातायात के बेहतर निगरानी के लिए गोरखपुर में तीन साल से ट्रैफिक मैनेजमेंट एंड डाटा सेंटर खुला है। पर उपकरणों के अभाव में यह चालू नहीं हो पाया।

महाकौशल-विंध्य के लिए बजट से उम्मीदें-
महाकौशल के उमरिया में बांधवगढ़ और मंडला में कान्हा तो सिवनी में पेंच जैसे पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए बजट से उम्मीदें हैं। विंध्य के शहडोल में मेडिकल कॉलेज तो खुल गया, लेकिन वहां पर्याप्त संसाधन और स्टॉफ की नियुक्ति नहीं हो पाई। सीधी बस हादसे के बाद सीएम ने यहां की छुहिया घाटी पहाड़ी के खतरनाक सड़क के लिए नई सड़क बनाने की बात कही थी। बजट में इसके लिए भी दरकार की जरूरत है।

निकाय चुनाव को देखते हुए इस बार शहरों के लिए बेहतर सड़क, पेयजल और गरीबों के लिए आवास संबंधी घोषणाओं के लिए बजट की उम्मीदें हैं। विंध्य क्षेत्र में पेयजल की एक बड़ी समस्या है। वहीं अमरकंटक को धार्मिक दृष्टि से विकसित करने के लिए बजट आवंटित होने की उम्मीद है।

नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी के लिए बुरी खबर:ओलिंपिक का साल, पर हमारे पास टेस्ट लैब नहीं; फिर बढ़ सकता है भारत की डोप टेस्टिंग लैब का निलंबन

नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी के लिए बुरी खबर:ओलिंपिक का साल, पर हमारे पास टेस्ट लैब नहीं; फिर बढ़ सकता है भारत की डोप टेस्टिंग लैब का निलंबन

नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी के लिए बुरी खबर:ओलिंपिक का साल, पर हमारे पास टेस्ट लैब नहीं; फिर बढ़ सकता है भारत की डोप टेस्टिंग लैब का निलंबन

  • अगस्त 2019 में पहली बार मान्यता रद्द हुई थी

खेल मंत्रालय और नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) के लिए बुरी खबर है। देश की नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी (एनडीटीएल) का निलंबन एक दफा और बढ़ सकता है। कारण, डोपिंग की वैश्विक संस्था वाडा (वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी) भारत सरकार के उन प्रयासों से संतुष्ट नहीं है, जो उसने एनडीटीएल की कमियों को दूर करने के लिए किए हैं। इसका असर ये हो रहा है कि टेस्ट ढाई गुना तक कम हो गए हैं। वहीं, देश की लैब में टेस्ट कराने की तुलना में विदेशी लैब में टेस्ट कराने से खर्च सवा गुना तक बढ़ गया है। साथ ही पड़ोसी देशाें की टेस्टिंग से मिलने वाली आय भी बंद हो गई है। दरअसल, वाडा ने अगस्त 2019 में साइट विजिट के दौरान मिली कमियों के कारण एनडीटीएल की मान्यता छह माह के लिए रद्द कर दी थी। जुलाई 2020 में दूसरी बार निलंबन छह माह के लिए बढ़ा दिया था। 17 जनवरी को वाडा का दूसरा सस्पेंशन समाप्त हो चुका है।

खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा था कि हमने एनडीटीएल की कमियों को दूर कर लिया है। वाडा के मैगी डुरेंड ने बताया- अभी भी कई कमियां सुधारी नहीं गई हैं। आईएसएल के नियम के तहत लैब की मान्यता अभी भी बहाल नहीं की जा सकती। उम्मीद है कि एनडीटीएल जल्द सुधार कर लेगा।

असर

  • निलंबन से टेस्ट ढाई गुना तक कम


  • विदेशी लैब में टेस्ट से खर्च सवा गुना बढ़ा


  • विदेशों से मिलने वाला रेवेन्यू खत्म हुआ

सैंपल की टेस्टिंग न हो पाने से लैब होने का कोई मतलब नहीं

25 साल तक साई के डायरेक्टर ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन रहे पीएसएम चंद्रन ने कहा, ‘एफिलेशन न हाेने से यहां टेस्टिंग नहीं हाे पा रही है। एेसे में लैब हाेने का काेई मतलब नहीं है। अपनी लैब में खर्च थोड़ा कम होता है और रिजल्ट भी जल्दी मिलते हैं। वहीं विदेशी लैब थोड़ी महंगी हैं और समय भी ज्यादा लगता है।

हर लैब के अपने-अपने रेट हैं। आमतौर पर एक टेस्ट में 15-20 हजार रुपए खर्च होते हैं। भारत के सैंपल दोहा में टेस्ट हो रहे हैं। वहां और दिल्ली के रेट में ज्यादा अंतर नहीं है। लेकिन जितनी जल्दी रिपोर्ट चाहिए, खर्च उतना ज्यादा बढ़ ज्यादा है। लंदन में टेस्टिंग का खर्च 26 से 35 हजार तक आता है। इसके अलावा भारत को पड़ोसी देशों की टेस्टिंग से मिलने वाली आय बंद हो गई है। पहले बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका के सैंपल दिल्ली में ही टेस्ट होते थे।’

इस साल महज 250 टेस्ट हुए जबकि पिछले साल 3800 हुए थे

लैब की मान्यता न होने से खेलों को डोपिंग मुक्त रखने का खेल मंत्रालय और नाडा का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। असर देश में हो रही एथलेटिक्स व अन्य प्रतियोगिताओं में शामिल खिलाड़ियों की सैंपलिंग पर भी पड़ रहा है। नाडा ने साल 2019-20 में 3858 टेस्ट किए हैं जबकि 2020-21 सीजन के दो माह में आयोजित हुई आधा दर्जन प्रतियोगिताओं में महज 200 से 250 टेस्ट ही किए हैं। जनवरी में भोपाल और फरवरी में गुवाहाटी में हुई जूनियर नेशनल एथलेटिक्स में नाडा ने 1,637 एथलीटों में से महज कुछ दर्जन नमूने लिए थे।

वाडा ने लैब पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी

पिछले साल फरवरी में वाडा के लैब एक्सपर्ट ग्रुप ने बाकी बची गैर-अनुरूपताओं के आधार पर एनडीटीएल के खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की सिफारिश की। इसके लिए स्वतंत्र अनुशासन समिति का गठन किया गया। इस कमेटी को वाडा एग्जीक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन को एनडीटीएल के स्टेटस के बारे में रिपोर्ट करना था। तब तक लैब को सस्पेंड रखने का फैसला किया गया। 17 जनवरी को यह निलंबन भी खत्म हो चुका है। फिर भी लैब में वाडा के नियमों के अनुकूल सुधार नहीं हो पाया है।

और इधर – एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे नाडा-एनडीटीएल के अधिकारी
नाडा के डीजी नवीन अग्रवाल कहते हैं कि टेस्टिंग से जुड़े मामले एनडीटीएल ही देखता है। नाडा तो सिर्फ सैंपलिंग करता है। मुझे टेस्टिंग के संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं है। वहीं, एनडीटीएल के साइंटिफिक डायरेक्टर डाॅ. पीएल साहू कहते हैं कि सैंपलिंग और टेस्टिंग के संबंध में नाडा से चर्चा करना चाहिए क्याेंकि अभी नाडा ही सब कुछ कर रहा है। वे ही सैंपल कलेक्ट कर रहे हैं और भिजवा रहे हैं। एनडीटीएल निलंबित है। हम ताे बस उम्मीद कर रहे हैं कि हमारा निलंबन बहाल हाे और सारी चीजें सामान्य हाे जाएं।


9 केंद्र पर लगी वैक्सीन:बुजुर्गों के साथ संतों ने भी उत्साह से लगवाया टीका, लेकिन कई जगह सर्वर ने लगाया ब्रेक

9 केंद्र पर लगी वैक्सीन:बुजुर्गों के साथ संतों ने भी उत्साह से लगवाया टीका, लेकिन कई जगह सर्वर ने लगाया ब्रेक

9 केंद्र पर लगी वैक्सीन:बुजुर्गों के साथ संतों ने भी उत्साह से लगवाया टीका, लेकिन कई जगह सर्वर ने लगाया ब्रेक

संत समाज ने भी टीका लगवा कर आम लोगों को दिया संदेश

आखिरकार कोरोना काल के 1 साल पूरे होने के बाद आम लोगों को भी वैक्सीन लगी, जिसकी खुशी और उत्सुकता उनके चेहरों पर नजर आई। सोमवार से जिले में कोरोना टीकाकरण के दूसरे चरण का आगाज हुआ, जिसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र और गंभीर बीमारी से पीड़ित 45 से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना की वैक्सीन का पहला डोज लगा।

ज्यादातर लोग ऐसे रहे जो रजिस्ट्रेशन कराने के बाद बूथ पर पहुँचे, वहीं कुछ केंद्रों पर ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन के लिए पहुँचे बुजुर्गों को सर्वर के स्लो होने का खामियाजा भुगतना पड़ा और इंतजार करना पड़ा। किसी भी केंद्र पर टीका लगाने का निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सका। जबकि पहले दिन विक्टोरिया और मेडिकल कॉलेज में 500-500 टीके, वहीं अन्य केंद्रों पर अधिकतम 250 लोगों को वैक्सीन लगने का टारगेट रखा गया था।

फैक्ट फाइल

  • 60 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों काे सबसे कम 20 टीके सिविल अस्पताल सिहोरा में लगे।
  • जिले में 60 से अधिक उम्र के 773 और 45 से अधिक उम्र में गंभीर बीमारी से पीड़ित 131 लोगों ने टीके लगवाए।

हैल्थ और फ्रंट लाइन वर्कर्स को भी लगी वैक्सीन

  • हैल्थ वर्कर्स और फ्रंट लाइन वर्कर्स को लग रहे वैक्सीन के प्रथम और दूसरे डोज के लिए भी शहर समेत ब्लॉक स्तर पर सेंटर बनाए गए।
  • पहली डोज 1077 हितग्राहियों और दूसरी डोज 884 हितग्राहियों को लगी।

एक नजर

शा. केंद्रों विक्टोरिया, मेडिकल काॅलेज, एल्गिन, सिविल अस्पताल रांझी और सिविल अस्पताल सिहाेरा में नि:शुल्क तथा निजी केंद्रों मेट्रो, जबलपुर, जामदार और सिटी हॉस्पिटल में 250 रु. के शुल्क के साथ वैक्सीन लगाई गई।

वैक्सीन के लिए ऑनलाइन पंजीयन के अलावा ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई, लेकिन बूथ पर पहुँचकर रजिस्ट्रेशन कराने वाले हितग्राहियों की संख्या कम रही।

वकीलों को भी लगे वैक्सीन

जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक सहित अन्य पदाधिकारियों ने वकीलों को भी कोरोना वैक्सीन लगाने की मांग की है।

संतों ने लगवाया टीका आम लोगों से की अपील

अभियान के शुभारंभ के अवसर पर विक्टोरिया अस्पताल में पूज्य संत डॉ. स्वामी जगद््गुरु श्यामदेवाचार्य महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद महाराज के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महाकौशल प्रान्त के प्रांत प्रचारक प्रवीण गुप्त, आयुक्त निशक्तजन संदीप रजक व एसपी लोकायुक्त अनिल विश्वकर्मा ने टीका लगवाया।

इस मौके पर साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी, साध्वी शिरोमणी दीदी, साध्वी मैत्रेयी दीदी, सीएमएचओ डॉ. मनीष कुमार मिश्र, सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एसएस दाहिया, नोडल अधिकारी डॉ. केके वर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी अजय कुरील व कंट्रोल-रूम प्रभारी विजय पाण्डेय उपस्थित रहे।

जगद्गुरु स्वामी राघव देवाचार्य ने एल्गिन अस्पताल में पहला डोज़ लगवाया, इस मौके पर उन्होंने कहा कि टीकाकरण को लेकर लाेग अफवाहों व भ्रमित बातों पर ध्यान नहीं दें और टीका लगवाएँ। इस मौके पर आरएमओ डॉ. संजय मिश्रा और पूर्व सीएमएचओ डॉ. रत्नेश कुरारिया मौजूद रहे।

तैयारियां को अंतिम रूप देने में जुटा प्रशासन:महामहिम के आगमन की तैयारी, पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था देखने पहुंचे अधिकारी

तैयारियां को अंतिम रूप देने में जुटा प्रशासन:महामहिम के आगमन की तैयारी, पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था देखने पहुंचे अधिकारी

तैयारियां को अंतिम रूप देने में जुटा प्रशासन:महामहिम के आगमन की तैयारी, पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था देखने पहुंचे अधिकारी

  • अधिकारियों ने निरीक्षण कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के 6 एवं 7 मार्च के प्रस्तावित जबलपुर प्रवास को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकारियों ने सोमवार को विशिष्ट अतिथियों के आगमन से लेकर उनके ठहरने की व्यवस्था, रूट प्लान, वाहनों की पार्किंग एवं सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी ली तथा अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

संभागायुक्त बी. चंद्रशेखर ने मानस भवन और ग्वारीघाट पहुँचकर चल रही तैयारियों का जायजा लिया, इसके साथ ही सर्किट हाउस क्रमांक 1 एवं 2 का भी निरीक्षण किया। इस दौरान संभागायुक्त के साथ पुलिस महानिरीक्षक भगवत सिंह चौहान, कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा, नगर निगम आयुक्त संदीप जीआर, जिला पंचायत की सीईओ रिजु बाफना, स्मार्ट सिटी के सीईओ आशीष पाठक भी मौजूद थे।

नर्मदा तट में छँटाई के नाम पर काट रहे पेड़| नर्मदा तट पर पेड़ लगाए जाने चाहिए जिससे यहाँ का सौंदर्य बना रहे, लेकिन राष्ट्रपति के प्रस्तावित जबलपुर प्रवास की तैयारियों की बात कहते हुए नर्मदा तट ग्वारीघाट-सिद्धघाट में पेड़ों की छँटाई के नाम पर पेड़ों की मुख्य शाखाएँ काट दी गई हैं। समर्थ भैयाजी सरकार अपने शिष्यों के साथ पहुँचे और विकास के नाम पर तीर्थ क्षेत्र में इस तरह के कार्य करने पर आपत्ति दर्ज कराई।

झण्डा चौक से उमाघाट तक डामरीकरण

ग्वारीघाट झण्डा चौक से नर्मदा तट उमाघाट तक सड़क का डामरीकरण किया जा रहा है। तीर्थ मार्ग का यह कायाकल्प भी नर्मदा तट पर महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के होने वाले आगमन के चलते किया जा रहा है। यह मार्ग बीते 2 सालों से पूरी तरह से सुधार की राह देख रहा था।

झण्डा चौक से उमाघाट की सीमा तक लंबी कवायाद के बाद 150 से अधिक अतिक्रमण अलग किए गए। कब्जे हटाने के बाद सड़क को कुछ बनाया गया पर उस अंदाज में यह नहीं बन सकी जैसी अतिक्रमण तोड़ते वक्त कल्पना की गई थी, लेकिन अब इसका उद्धार होता दिख रहा है।

बम निरोधक दस्ते ने की पड़ताल

सोमवार को एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा के आदेशानुसार डुमना विमानतल, कोर्ट परिसर, मानस भवन, ग्वारीघाट, दीनदयाल चौक बस स्टैण्ड, मुख्य व मदन महल रेलवे स्टेशन, सिविक सेंटर एवं मॉल्स में रोजाना होने वाली भीड़भाड़ को देखते हुए बीडीडीएस टीम एवं स्नेफर डॉग द्वारा जाँच-पड़ताल की गई। इस दौरान आम नागरिकों से यह भी अपील की गई कि यदि किसी तरह की कोई संदिग्ध वस्तु कहीं पर नजर आती है तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस विभाग को दी जाए।

मांगा राष्ट्रपति से मिलने का समय

शहर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश यादव ने कलेक्टर को पत्र लिखकर महामहिम राष्ट्रपति से मिलने का समय माँगा है। श्री यादव के अनुसार कृषि कानून के साथ जबलपुर में केंट वासियों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेगा इसके लिए प्रशासन को पत्र देकर अनुमति मांगी है।

फायर ऑडिट कराना आवश्यक:शहर में 100 से अधिक ऊंची इमारतों को जारी होंगे नोटिस

फायर ऑडिट कराना आवश्यक:शहर में 100 से अधिक ऊंची इमारतों को जारी होंगे नोटिस

फायर ऑडिट कराना आवश्यक:शहर में 100 से अधिक ऊंची इमारतों को जारी होंगे नोटिस

बिना फायर एनओसी वाले भवन पर की जा सकती है तालाबंदी,


अधिकांश इमारतें 15 मीटर से ऊंची, जून तक देनी होगी फायर ऑडिट की रिपोर्ट

आग से सुरक्षा को देखते हुए अब 15 मीटर से ऊँची सभी इमारतों के प्रबंधकों को फायर ऑडिट कराना आवश्यक हो गया है और यदि ऐसा नहीं कराया गया तो नगर निगम भवनों को सील करने की कार्रवाई करेगा। शहर में 100 से अधिक इमारतें ऐसी हैं जो कि 15 मीटर से अधिक ऊँचाई वाली हैं।

इनमें होटल, हॉस्पिटल, शैक्षणिक संस्थान, अपार्टमेंट, कमर्शियल कॉम्पलैक्स आदि शामिल हैं। फायर ब्रिगेड द्वारा अब नोटिस जारी किए जा रहे हैं और यदि शीघ्र ही एनओसी नहीं ली गई तो इन पर कार्रवाई की जाएगी। 15 मीटर से ऊँची हर इमारत के भवन मालिकों या संस्थाओं को 30 जून के पहले हर हाल में फायर ऑडिट कराते हुए आग से बचाव के लिए फायर ब्रिगेड द्वारा सुझाए गए मानकों का प्रावधान करना होगा और इसके बाद फायर ब्रिगेड की एनओसी प्राप्त करनी होगी।

ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। शहर में 2 इमारतें तो ऐसी हैं जिनकी ऊँचाई 30 मीटर के लगभग है जबकि 100 से अधिक इमारतें ऐसी हैं जिनकी ऊँचाई 15 मीटर से अधिक है। फायर ब्रिगेड द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं और सभी का निरीक्षण जून माह के अंत तक कर लिया जाएगा। जहाँ भी फायर ब्रिगेड द्वारा सुझाए गए मानकों का पालन नहीं किया जाएगा उस इमारत को एनओसी नहीं दी जाएगी।

पहले से जारी हो रहे नोटिस

बताया जाता है कि जनवरी माह में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा सभी होटल और हॉस्पिटलों के लिए फायर एनओसी लेना अनिवार्य किया गया था उसके तहत नोटिस जारी किए जा रहे थे। अब इसमें बाकी संस्थानों को भी जोड़ लिया गया है और उन्हें भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

3 मीटर का एक फ्लोर

सामान्यत: 3 मीटर का एक फ्लोर माना जाता है और इस लिहाज से शहर में 5 मंजिला या उससे अधिक जितने भी भवन हैं, वे सभी इस दायरे में शामिल होंगे और उन्हें एनओसी लेनी होगी। अपार्टमेंट तो अब इससे अधिक ऊँचे बन रहे हैं और उनमें सैकड़ों लोग रहते हैं इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है।

निरीक्षण किया जा रहा है

ऊंची इमारतों का फायर ऑडिट किया जा रहा है और जहाँ जो खामी मिल रही है उसे दूर करने के िनर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बाद दोबारा निरीक्षण होगा और यदि कहीं भी खामी नजर आती है तो बिल्डिंग सील करने की कार्रवाई की जाएगी। किसी भी हाल में असुरक्षित भवन में लोगों को उनके भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।

- कुशाग्र ठाकुर, फायर अधीक्षक नगर निगम